फूलों की घाटी उत्तराखंड – गोविंदघाट से घांघरिया

भ्यूंडार में कल-कल करती खूबसूरत पुष्पावती नदी को कुछ देर बस यूँ ही आराम से देखते रहे. ऊपर ऊंचे पहाड़ों की चोटियों में बादल घुमड़ रहे थे और बादलों की वजह से हरे-भरे पहाड़ और भी खूबसूरत नजर आ रहे थे। कहीं-कहीं घाटियों के बीच से उठते...

गौमुख तपोवन ट्रेक-part 2

अब हम एक ऐसे पहाड़ पर चड़ते हैं जो बुरी तरह टूटा हुआ है, और कोई रास्ता नहीं है। ऊपर नीचे बड़े-बड़े पत्थर ढीले पड़े हैं, कभी भी अगर पैर ढीले पत्थर पर पड़ जाए तो दूर नीचे की तरफ फैले विशाल गंगोत्री ग्लेशियर में पत्थरों के साथ लुढ़केंगे। हम इतने ऊपर हैं कि हमारे ठीक नीचे दूर कहीं गौमुख और गंगोत्री ग्लेशियर दिखता है।

स्पीति यात्रा-जयपुर से कल्पा तक-भाग-1

किन्नौर जिले के सांगला की सीमा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से लगती है, और उत्तरकाशी के धौला से शुरू होती है रूपीन पास की कई दिनों की मुश्किल ट्रैकिंग,

चोपता तुंगनाथ ट्रैकिंग

uttarakhand की बर्फीली वादियां में एक शाम और एक कप चाय/ सुकून से हिमालय को निहारना / चन्द्रशिला - तुंगनाथ यात्रा/Journey of Adventure .

पंचाचूली बेस कैंप से पंचाचूली ग्लेशियर

इस जगह पहुँचने के बाद आप उस जगह पहुंचते हैं जिसे कुमाऊं का मुकुट कहा जाता है, क्योंकि हिमालय की ये चोटियां उत्तराखंड कई हिस्सों से दिखाई देती हैं। 

दुग्तू से पंचाचूली बेस कैंप-2

अक्टूबर का महीना था और बर्फीली सर्दियां नजदीक थी इसलिए अब गाँव के लोग धीरे-धीरे अपने निचले इलाकों में पलायन की तैयारी में थे जो ग्रीष्म ऋतु में बर्फ के पिघलते ही फिर यहां लौट आयेंगे अपने अशियाने में।

पंचाचूली बेस कैंप यात्रा part-1

दारमा घाटी की कच्ची सड़कों के खतरनाक मोड़ों पर जब-जब ड्राइवर का हाथ गियर पर जाता और अचानक से फिसलता मुझे लगता अब तो गाड़ी गयी खाई में और आसमान सी ऊंची उन खाइयों में गिरकर अगर हम बच भी गये तो भयंकर बहती धौलीगंगा का तेज बहाव हमें नहीं ब्कशने वाला।

तपोवन से गोमुख ग्लेशियर -part-3

तपोवन का खुला मैदान पार करने के बाद हम वापस पहाड़ के उस ढलान पर थे जहां से आए थे। मैदान के आखिरी छोर से जब हमने नीचे की ओर एक जोरदार और डरावनी ढलान की ओर निगाह डाली तो कुछ देर के लिए इन घोडों के कदम आगे बढ़ने से पहले ही डर के मारे पीछे खिसकते गए। कुछ देर के लिए ये आपको डरा देती है लेकिन किसी तरह इधर उधर हाथों को टेकते हुए आगे बढ़ते गए

गोमुख तपोवन ट्रैकिंग-part-1

भोजवाशा पहुचने से करीब ढाई km पहले डेंजर ज़ोन है जहां पर ऊपर की तरफ पहाड़ एकदम कच्चे हैं और बड़े बड़े पत्थर बस टीके हुए हैं थोड़ी सी भी हलचल में नीचे गिर सकते हैं इसलिए इस जगह पर बिना रुके ध्यान से चलना पड़ता है।

Spiti valley tour-कीब्बर, लांगजा और हीक्कीम पोस्ट ऑफिस

लांगजा गाँव में एक ऊंचे स्थान में भगवान बुद्ध, विशाल मूर्ति के रूप में बर्फीली फड़फड़ाती हवाओं के बीच हाथों में छोटा पात्र लिए शांत चित्त मुद्रा में विराजमान हैं,

स्पीति-कीह मोनेस्ट्री और चीचम ब्रीज-3

पहाड़ी के टॉप में कीह गोम्पा है जो 4150 मीटर की ऊचाई पर है। शरदियों में जब पूरा"कीह" बर्फ में लिपटा रहता है तो पहाड़ी में बना कीह/की गोम्पा किसी डिज़्नी लैंड या परियों के देश सा दिखता है,

रिकांगपीओ से काजा – स्पीति यात्रा भाग2

पंच कैलाश में से एक बर्फ से ढका किन्नर कैलाश /किन्नौर कैलाश अपना भव्य रूप लिए रिकांगपीओ से बेहद ही करीब दिखता है.