गोमुख तपोवन ट्रैकिंग-part 2

अब हम एक ऐसे पहाड़ पर चड़ते हैं जो बुरी तरह टूटा हुआ है, और कोई रास्ता नहीं है। ऊपर नीचे बड़े-बड़े पत्थर ढीले पड़े हैं, कभी भी अगर पैर ढीले पत्थर पर पड़ जाए तो दूर नीचे की तरफ फैले विशाल गंगोत्री ग्लेशियर में पत्थरों के साथ लुढ़केंगे। हम इतने ऊपर हैं कि हमारे ठीक नीचे दूर कहीं गौमुख और गंगोत्री ग्लेशियर दिखता है।

गोमुख तपोवन ट्रैकिंग-part-1

भोजवाशा पहुचने से करीब ढाई km पहले डेंजर ज़ोन है जहां पर ऊपर की तरफ पहाड़ एकदम कच्चे हैं और बड़े बड़े पत्थर बस टीके हुए हैं थोड़ी सी भी हलचल में नीचे गिर सकते हैं इसलिए इस जगह पर बिना रुके ध्यान से चलना पड़ता है।

Spiti valley tour-कीब्बर, लांगजा और हीक्कीम पोस्ट ऑफिस

लांगजा गाँव में एक ऊंचे स्थान में भगवान बुद्ध, विशाल मूर्ति के रूप में बर्फीली फड़फड़ाती हवाओं के बीच हाथों में छोटा पात्र लिए शांत चित्त मुद्रा में विराजमान हैं,

स्पीति यात्रा-भाग-1 जयपुर से कल्पा तक

किन्नौर जिले के सांगला की सीमा उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले से लगती है, और उत्तरकाशी के धौला से शुरू होती है रूपीन पास की कई दिनों की मुश्किल ट्रैकिंग,

तुंगनाथ और चन्द्रशिला ट्रैकिंग

uttarakhand की बर्फीली वादियां में एक शाम और एक कप चाय/ सुकून से हिमालय को निहारना / चन्द्रशिला - तुंगनाथ यात्रा/Journey of Adventure .

यरादा बीच की सैर – विशाखापट्टनम

पहली हवाई यात्रा की उतनी खुशी नहीं थी जितनी चिंता विशाखापट्टनम पहुँचकर शादी के बीच में से वक़्त निकालकर वहाँ घूमने की थी। विंडो सीट ना मिलने के कारण बीच-बीच में गर्दन टेडी करके बाहर झांकने की कोशिश करता हू पर सिवाय विमान का बड़े से पंख के सिवा कुछ नहीं दिखता। लगता ही नहीं … Continue reading यरादा बीच की सैर – विशाखापट्टनम

खलिया टॉप ट्रैकिंग – मुनस्यारी

यहां सड़कें बेहद संकरी और डरावानी हैं, मॉनसून और हिमपात के दिनों में और भी ज्यादा, आधा km पहले कोई गाड़ी...

Robbers Cave-डाकुओं की गुफा

गुफा के भीतर दो जल प्रपात हैं जिसका पानी गुफा में कुछ दूर जाकर थोड़ी देर के लिए अद्रश्य हो जाता है.

Bhangarh-रहस्यमयी भूतों का किला

स्थानीय लोगों के अनुसार रात के अँधेरे में यहां असमान्य घटनाये घटती हैं। पत्थरों के गिरने Read more..

तपोवन से गोमुख-part-3

तपोवन का खुला मैदान पार करने के बाद हम वापस पहाड़ के उस ढलान पर थे जहां से आए थे। मैदान के आखिरी छोर से जब हमने नीचे की ओर एक जोरदार और डरावनी ढलान की ओर निगाह डाली तो कुछ देर के लिए इन घोडों के कदम आगे बढ़ने से पहले ही डर के मारे पीछे खिसकते गए। कुछ देर के लिए ये आपको डरा देती है लेकिन किसी तरह इधर उधर हाथों को टेकते हुए आगे बढ़ते गए

स्पीति-कीह मोनेस्ट्री और चीचम ब्रीज-3

पहाड़ी के टॉप में कीह गोम्पा है जो 4150 मीटर की ऊचाई पर है। शरदियों में जब पूरा"कीह" बर्फ में लिपटा रहता है तो पहाड़ी में बना कीह/की गोम्पा किसी डिज़्नी लैंड या परियों के देश सा दिखता है,

स्पीति यात्रा भाग2-रीकांगपीओ से काजा

पंच कैलाश में से एक बर्फ से ढका किन्नर कैलाश /किन्नौर कैलाश अपना भव्य रूप लिए रिकांगपीओ से बेहद ही करीब दिखता है.

चितई मंदिर – अल्मोड़ा

उत्तराखंड का एक ऐसा मंदिर जहाँ देवता को चिट्ठी लिखने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। READ MORE..